कपूरथला
आम आदमी पार्टी के द्वारा सीजेपी के समर्थन में चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और विशेष चुनाव सूची संशोधन के दौरान कथित वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन किया गया।इस अवसर पर कपूरथला निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के प्रभारी एडवोकेट करमबीर सिंह चंदी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के नेताओ ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लिया।इस दौरान,तानाशाही भाजपा ने सीजेपी के समर्थन में डटे आप नेताओं और स्वयंसेवकों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया।प्रदर्शन के बाद आप हल्का प्रभारी एडवोकेट चंदी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वोट के अधिकार को छीनने वालों को कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट में धांधली करने और लोकतंत्र से छेड़छाड़ करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। वोट की शक्ति के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वोट महत्वपूर्ण है।मतदान में धांधली और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जा सकती।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों पर टिकी है। जब जनता के मतदान के अधिकार का हनन होता है या परिणामों में हेरफेर किया जाता है,तो न केवल संविधान का उल्लंघन होता है,बल्कि आम जनता का व्यवस्था पर से विश्वास भी टूट जाता है।नागरिकों को अपने अधिकारों और अपने वोट के महत्व के प्रति जागरूक रखना ही सबसे बड़ी ताकत है।चुनाव आयोग और अदालतों जैसी संस्थाओं के लिए यह अनिवार्य है कि वे बिना किसी राजनीतिक दबाव के पारदर्शी तरीके से काम करें।उन्होंने कहा कि कानूनी दायरे में रहकर मतदान में धांधली के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का कर्तव्य है।एडवोकेट चंदी ने आरोप लगाया कि कई बार चुनाव प्रक्रिया में धांधली हुई है और नागरिकों से मतदान का अधिकार छीना जा रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों की चोरी करके सरकारें बना रही है।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बनकर काम कर रहा है और दोनों मिलकर चुनावों में घोटाले कर रहे हैं। आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों देश की जनता के सामने बेबस हो गए हैं।उन्होंने कहा कि आज लोग लोकतंत्र और देश के संविधान को बचाने के लिए अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं,यह इस बात का प्रमाण है कि देश किसी के बाप का नहीं है।




