पंथक गद्दारी बेनकाब: कांग्रेस के साथ गुप्त गठजोड़ के आरोप

 

हरमीत सिंह कालका द्वारा सरना भाइयों की भूमिका पर कड़े सवाल

 

 

नई दिल्ली | 5 फरवरी, 2026

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से सरना भाइयों द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर काबिज़ रहते हुए जो भूमिका निभाई गई, वह सिख कौम के हितों के बिल्कुल विपरीत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कांग्रेस की दलाली, उसके गुंडा तत्वों को संरक्षण देने और सिख कौम को 1984 के दंगों को भुलाने की लगातार कोशिशें की गईं।

सरदार कालका ने कहा कि लगभग चार वर्ष पहले, जब दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नई संरचना की जा रही थी, उस समय शिरोमणि अकाली दल की ओर से दबाव बनाया गया कि सरना भाइयों के साथ हाथ मिलाया जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी की टीम ने पंथक सिद्धांतों पर डटे रहते हुए अपना अलग और स्पष्ट रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि आज “बिल्ली थैले से बाहर आ गई है” और यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि सरदार सुखबीर सिंह बादल की असली मंशा क्या थी। सरना भाइयों को अपने समूह में शामिल करने के पीछे उद्देश्य कांग्रेस के साथ गुप्त गठजोड़ बनाना था। इस साजिश के तहत सरदार हरविंदर सिंह सरना को एक दलाल की भूमिका सौंपी गई, जो अब सबके सामने उजागर हो चुकी है।

सरदार कालका ने आरोप लगाया कि कल सरदार हरविंदर सिंह सरना अपने बेटे के साथ राहुल गांधी से मिलने गए, जिसका मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टिकट और राजनीतिक गठजोड़ की समीकरण बनाना था। बाद में इस मुलाकात को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जोड़कर भ्रामक बयानबाज़ी की गई, जो पूरी तरह निराधार है।

उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को बड़े पंथक नेता बताते रहे हैं, वे आज पंथ के सर्वोच्च स्थान श्री अकाल तख़्त साहिब को नज़रअंदाज़ कर राहुल गांधी के दरबार में जाकर सौदेबाज़ी कर रहे हैं। यह केवल दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ही नहीं, बल्कि पूरी सिख कौम का अपमान है।

सरदार कालका ने कहा कि जिस पार्टी ने श्री अकाल तख़्त साहिब पर हमला करवाया, हरिमंदर साहिब पर गोलियां और तोपें चलवाईं और दिल्ली में सिख नरसंहार करवाया—आज उसी पार्टी के साथ गठबंधन की बात करना सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण मिसाल है। उन्होंने कहा कि सरना भाइयों द्वारा अकाली दल को इस रास्ते पर धकेलना शहीदों की कुर्बानियों से गद्दारी के समान है।

उन्होंने मीडिया के माध्यम से श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार साहिब से अपील करते हुए कहा कि सरदार हरविंदर सिंह सरना को पुनः तलब कर उनसे यह स्पष्ट किया जाए कि राहुल गांधी के साथ कौन-कौन से सौदे किए गए, पंथ के कौन से मुद्दे बेचे गए और किन बंदी सिंहों के नाम पर राजनीतिक सौदेबाज़ी की गई।

सरदार हरमीत सिंह कालका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली की सिख संगत सरना भाइयों की इस गद्दाराना राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। कौम के नाम पर वोट लेकर अपने बच्चों के लिए सीटों की सौदेबाज़ी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि हरविंदर सिंह सरना और परमजीत सिंह सरना के विरुद्ध सख़्त पंथक कार्रवाई की मांग को लेकर शीघ्र ही एक लिखित मांग-पत्र श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार साहिब को भेजा जाएगा।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें