जम्मू में पानी की बढ़ती समस्या को दूर करने के लिए चिनाब नदी का पानी लाने की योजना पर तेजी से काम

 

 

जम्मू में पानी की बढ़ती समस्या को दूर करने के लिए चिनाब नदी का पानी लाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार इस मुद्दे को लगातार केंद्र सरकार के सामने उठा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस योजना को मंजूरी मिल जाएगी। ये बातें जल शक्ति, वन एवं पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान कही। मंत्री ने कहा कि जम्मू शहर और आसपास के इलाकों में लगातार बढ़ती आबादी और सीमित जल स्रोतों के कारण पानी का संकट गंभीर होता जा रहा है। ऐसे में चिनाब का पानी लाना एक स्थायी समाधान साबित हो सकता है, जिससे आने वाले समय में लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने प्रदेश में तेजी से गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि अनियंत्रित दोहन और पर्याप्त रिचार्ज व्यवस्था होने के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों जैसे हैंडपंप, बोरवेल और अन्य स्थानीय प्रणालियों के पुनर्जीवन और रिचार्ज पर विशेष जोर दिया। साथ ही वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। सिर्फ सरकारी प्रयास काफी नहीं होंगे, बल्कि मीडिया और आम लोगों को भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।राणा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जल संकट और पर्यावरण एकदूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, झीलें सिमट रही हैं और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे में पर्यावरण को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।मंत्री जावेद राणा ने उत्तर प्रदेश में जल संचय योजनाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह एक कार्यक्रम में गए थे, जहां यूपी के जल शक्ति मंत्री भी आए हुए थे। यूपी के मंत्री ने अपने संबोधन ने कहा कि उन्होंने अपने यहां जितने हैंडपंप लगवाए हैं उतने ही रिचार्ज भी करवाए हैं। शुरू में उन्हें यह बात सुनकर हैरानी हुई कि मोबाइल का रिचार्ज तो हो सकता है, हैंडपंप का रिचार्ज कैसे संभव है।फिर मैंने सोचा कि भाजपा के मंत्री हैं, कहते हैं मोदी है तो मुमकिन है, शायद यह भी तो कुछ ऐसा ही नहीं। फिर मैंने उनसे पूछा कि यह कैसे होता है तो उन्होंने बताया कि हर हैंडपंप के साथ वैज्ञानिक तरीके से रिचार्ज सिस्टम विकसित किया जाता है, जिसमें वर्षा जल को पाइप और फिल्ट्रेशन व्यवस्था के जरिए जमीन के अंदर वापस पहुंचाया जाता है, ताकि भूजल स्तर बना रहे। उन्होंने कहा कि यह एक व्यावहारिक और प्रभावी मॉडल है, जो जल संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकता है। जम्मूकश्मीर में भी इस तरह की पहलें शुरू की जाएंगी, ताकि पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

 

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