कहा-केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले की जांच करनी चाहिए
कपूरथला()पंजाब के गुरदासपुर जिले के दोरंगला पुलिस स्टेशन में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पंजाब की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।पंजाब में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है और अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।यह बात शिवसेना के प्रदेश नेता ओमकार कालिया ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कही।उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।उन्होंने कहा कि जिस राज्य में पंजाब पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं हैं,वहां आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग डर और आतंक के साये में जी रहे हैं।उन्होंने कहा कि पंजाब में गुंडों का राज है और पंजाब सरकार सिर्फ झूठे बयान देने में लगी है।उन्होंने कहा कि गुरदासपुर जिले के अडियान गांव में पंजाब पुलिस के एक एएसआई और एक होम गार्ड की हत्या के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।कालिया ने कहा कि यह घटना बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और अपराधियों का मनोबल ऊंचा है। उनके अनुसार, सरकार का गैंगस्टरों, आपराधिक तत्वों और ड्रग माफिया पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है।उन्होंने कहा कि पहले व्यापारी,उद्योगपति,महिलाएं और आम नागरिक असुरक्षित महसूस करते थे,लेकिन अब स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या राज्य की सुरक्षा स्थिति पर एक बड़ा सवालिया निशान है। उन्होंने राज्य सरकार से अपराध और नशीली दवाओं के खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।कालिया ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।











