पुलकित सूरी ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज
कपूरथला
पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच आवाजाही अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाली है।हिमाचल की कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य में प्रवेश पर लगने वाले कर (एंट्री टैक्स) के खिलाफ विहिप बजरंग दल ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इसे सरेआम ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है। विश्व हिन्दू परिषद जालंधर विभाग के अध्क्ष्य नरेश पंडित, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्क्षय चंद्रमोहन भोला व बजरंग दल के जिलाध्क्षय आनंद यादव ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए हिमाचल सरकार पर अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए जनता से वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है।नरेश पंडित ने टैक्स बढ़ोतरी के आंकड़े गिनाते हुए बताया कि हिमाचल सरकार ने बिना किसी वाजिब कारण के टैक्स में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। पहले जिस कार का एंट्री टैक्स 70 रुपए लगता था,उसे बढ़ाकर अब 130 रुपए कर दिया गया है।वहीं,कमर्शियल वाहनों के लिए यह दर 170 रुपए तक पहुंच गई है।इसके अलावा अन्य सभी प्रकार के वाहनों पर भी इसी तरह भारी टैक्स लाद दिया गया है,जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।इस टैक्स को पूरी तरह से खत्म करने की मांग करते हुए नरेश पंडित ने कहा कि इससे राज्य सरकार के खजाने या हिमाचल की जनता को कोई खास फायदा नहीं हो रहा,बल्कि यह सिर्फ कुछ खास ठेकेदारों की जेबें भरने की योजना है।उन्होंने पंजाब के कांग्रेस नेताओं से विशेष अपील की है कि वे हिमाचल के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री(जो कि पड़ोसी भी हैं)से बात करके इस जनविरोधी एंट्री टैक्स को तुरंत हटवाएं।विहिप बजरंग दल ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकार सिर्फ वसूली के काम में लगी है और विहिप बजरंग दल इसका कड़ा विरोध करती है।भोला ने हिमाचल सरकार द्वारा बढ़ाए गए एंट्री टैक्स से लाखों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और इस बढ़ौतरी से उन्हें आर्थिक नुकसान भी होगा क्योंकि हिमाचल को पंजाब व अन्य राज्यों से हजारों वाहन हर रोज जाते हैं।एंट्री टैक्स पहले से 2 गुना होने से सीमावर्ती लोगों को ओर भी अधिक परेशानियां पेश आएंगी।उन्होंने कहा कि हिमाचल से सटे पंजाब के लोगों को तो ओर भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि दोनों राज्यों के लोगों का व्यापार,छात्रों का एक-दूसरे राज्यों में पढ़ने के लिए जाने व कई अन्य कार्य करने के लिए प्रतिदिन आना-जाना पड़ता है।उन्होंने कहा कि वैसे तो यह एंट्री टैक्स ही गलत लगाया गया है।अगर राज्य सरकार लगाया ही तो इस टैक्स में कुछ ही बढ़ौतरी की जाती थी।लेकिन इस बार तो करीब दोगुनी वृद्धि करके लोगों के साथ सरासर अन्याय किया गया है।आनंद यादव ने कहा कि इस बढ़ौतरी से दोनों राज्यों के उन लोगों का जिनका प्रतिदिन हिमाचल में कई बार आना-जाना लगा रहता है उनके आपसी संबंध में बिगड़ेंगे व कारोबार भी प्रभावित होगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बिना सोचे समझे लिया गया यह फैसला लोकहित में नहीं है।इस लिए हिमाचल सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेकर लोगों को राहत देनी चाहिए ताकि दोनों राज्य के लोगों के आपसी रिश्तों में कोई खटास न आए और संबंध पहले की तरह बने रहें।उन्होंने कहा कि इस टैक्स बढ़ौतरी को लेकर हिमाचल सरकार लोगों के बीच टक्राव की स्थिति पैदा न करे और इस एंट्री टैक्स को तुरंत वापस ले और सीमावर्ती लोगों के लिए एंट्री टैक्स माफ किया जाए।












