ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज : कपूरथला
आज के दौर की भागदौड़ और कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले युग में यदि इंसान को सफलता के शिखर को छूना है, तो उसके लिए सबसे पहली और जरूरी शर्त आत्मविश्वास है।यह विचार विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री जोगिंदर तलवाड़ ने विद्यार्थियों और युवाओं को अपील करते हुए व्यक्त किए।जोगिंदर तलवाड़ ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं है, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व में इतना आत्मविश्वास भरना है कि वह सामाजिक जीवन के हर मोर्चे पर डटकर खड़ा हो सके।उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार आत्मविश्वास कोई जन्मजात गुण नहीं है,बल्कि इसे निरंतर अभ्यास,कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच से विकसित किया जा सकता है।उन्होंने विद्यार्थियों को अपील करते हुए कहा कि डर पर काबूःजिस व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास होता है,वह कठिन समय में घबराता नहीं है।सफल लोग असफलता को अंत नहीं मानते,बल्कि उसे सीखने का एक अवसर समझते हैं। इतिहास गवाह है कि दुनिया की कई महान हस्तियां कई बार विफल हुईं,लेकिन उन्होंने अपने आंतरिक विश्वास को टूटने नहीं दिया।उन्होंने कहा जब हम अपना लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित कर लेते हैं और पूरी लगन से जुट जाते हैं,तो हमारा आत्मविश्वास अपने आप मजबूत होने लगता है।
चुनौतीपूर्ण समय और आत्मविश्वास की आवश्यकता
जोगिंदर तलवाड़ ने कहा कि वर्तमान समय बहुत तेजी से बदल रहा है।हर क्षेत्र चाहे वह शिक्षा हो,नौकरी हो या व्यवसाय में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं।ऐसी परिस्थितियों में केवल वही व्यक्ति आगे बढ़ सकता है जिसे अपनी काबिलियत और मेहनत पर पूरा भरोसा है।उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास का अर्थ अहंकार नहीं,बल्कि अपनी शक्तियों और कमजोरियों को पहचान कर सही दिशा में आगे बढ़ना है।












