प्रधान अजेपाल सिंह बराड़ द्वारा पंजाब प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं को अभियान में एकजुट होने का आह्वान
ट्रिब्यून टाइम्स न्यूज
मोहाली 14 फरवरी, 2026
मिसल सतलुज, जो एक सामाजिक और राजनीतिक संगठन है तथा पंजाब-केंद्रित राजनीति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, द्वारा “पूरा पंजाब लहर” अभियान की शुरुआत 17 फरवरी को सुबह 11:00 बजे गुरुद्वारा अंब साहिब, मोहाली से की जाएगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मिसल सतलुज के प्रधान सरदार अजेपाल सिंह बराड़ ने बताया कि “पूरा पंजाब लहर” अभियान के अवसर पर दो सप्ताह के लिए एक विचार-कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों, पंजाब प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं—चाहे वे किसी भी राजनीतिक पार्टी या संगठन से संबंधित हों—को इस अभियान में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने आगे कहा कि सभी के विचार सुने जाएंगे, उन्हें जनता की अदालत तक पहुँचाया जाएगा और महत्वपूर्ण मुद्दों को चर्चा के केंद्र में लाया जाएगा।
बराड़ ने कहा कि पिछले चार–पाँच वर्षों के दौरान मिसल सतलुज द्वारा पाँच अहम मुद्दों पर संघर्ष किया गया है। इनमें पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट का मुद्दा भी शामिल है, जो मूल रूप से चंडीगढ़ के पंजाब के अधिकार में न होने से जुड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और इसे पंजाब को सौंपा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बांधों और नदियों पर पंजाब का पूरा नियंत्रण न होने के कारण कभी पंजाब का पानी बाहर भेजा जाता है और कभी पंजाब को बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है। इसलिए पंजाब को एक मजबूत संघीय (फेडरल) ढांचा मिलना चाहिए, ताकि राज्य अपने फैसले स्वयं ले सके और अपने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सके।
उन्होंने प्रवासी मुद्दे, हवा-पानी की स्वच्छता और नशे जैसे संवेदनशील मामलों पर भी लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनावों से पहले इन मुद्दों को जनता की अदालत के सामने स्पष्ट रूप से रखा जाएगा, ताकि राजनेताओं को इन पर अपना रुख स्पष्ट करना पड़े।
बराड़ ने कहा कि “पूरा पंजाब लहर” का उद्देश्य ऐसा पंजाब है जिसकी राजधानी और भौगोलिक सीमाएँ पूर्ण हों, जिसकी भाषा, संस्कृति और परंपराएँ सुरक्षित हों, जहाँ सर्व-साझेदारी की भावना हो, जहाँ युवाओं को रोजगार और न्याय मिले, जहाँ हवा, पानी और भोजन शुद्ध हो, जहाँ नशे के लिए कोई स्थान न हो और जहाँ हर धर्म पूरी तरह सुरक्षित हो।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से प्रफुल्लित और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम पंजाब ही वास्तव में “पूरा पंजाब” होगा।











