12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन करेगी रोष प्रदर्शन;

 

आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने सरकार के खिलाफ किया संघर्ष का ऐलान

 

 

ट्रिब्यून  टाइम्स  न्यूज : कपूरथला

 

 

केंद्र सरकार की दमनकारी मजदूर-विरोधी नीतियों और रेलवे के अंधाधुंध निजीकरण के खिलाफ देश की तमाम केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान और इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन (IREF) द्वारा नैतिक समर्थन करते हुए 12 फरवरी 2026 की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन के तहत 12 फरवरी को सुबह 7:30 बजे रेल कोच फैक्ट्री के मुख्य द्वार (डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक) पर एक विशाल रोष प्रदर्शन और गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल केवल वेतन या भत्तों की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेलवे के वजूद को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के रोजगार को सुरक्षित करने का युद्ध है। आरसीएफ के हजारों कर्मचारी इस दिन कार्यशाला के गेट पर इकट्ठा होकर अपनी एकजुटता का परिचय देंगे और सरकार को यह संदेश देंगे कि रेल की संपत्ति को कॉरपोरेट घरानों के हाथों बेचने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

यूनियन के महासचिव सर्वजीत सिंह और प्रेस सचिव अरविंद कुमार शाह ने संयुक्त बयान में कहा कि आज सरकार ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नारा देकर रेल कोच फैक्ट्री जैसी बेहतरीन उत्पादन इकाइयों के भीतर आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी प्रथा का जहर घोल रही है। नियमित प्रकृति के कार्यों को निजी हाथों में सौंपना न केवल स्थायी नौकरियों पर हमला है, बल्कि यह कोच निर्माण की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। यूनियन ने वैश्विक उदाहरण देते हुए सरकार को आगाह किया कि वह बरतानिया (ब्रिटेन) के फेल हो चुके रेल निजीकरण के मॉडल से सबक ले, जहाँ बदहाल सेवाओं और भारी किराए के कारण अब सरकार वापस रेलवे का राष्ट्रीयकरण (सरकारीकरण) करने पर मजबूर हुई है। जब विकसित देश अपनी गलती सुधार रहे हैं, तो भारत सरकार देश की जीवनरेखा को निजी हाथों की कठपुतली बनाने पर क्यों तुली है? यह सरकार की अदूरदर्शिता और पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुँचाने की मंशा को साफ उजागर करता है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान यूनियन द्वारा कर्मचारियों की उन बुनियादी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बिना शर्त बहाली, मजदूरों को गुलाम बनाने वाले ‘चार श्रम कोड’ को निरस्त करने और आठवें वेतन आयोग के तत्काल गठन की मांग शामिल है। इसके साथ ही, आरसीएफ प्रशासन की स्थानीय स्तर पर विफलता, जैसे कि कर्मचारियों की जर्जर हो चुकी आवासीय कॉलोनियां, बदहाल सड़कें, चिकित्सा सुविधाओं का अभाव और पी-ब्रांच में लंबित प्रमोशन के मामलों पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन ने कार्यकारिणी की मीटिंग कर फैक्ट्री के हर अनुभाग और शॉप के कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपनी रोजी-रोटी और स्वाभिमान की रक्षा के लिए 12 फरवरी की सुबह भारी संख्या में अंबेडकर चौक पर पहुंचें। यह आंदोलन तब तक नहीं थमेगा जब तक सरकार अपनी कर्मचारी-विरोधी नीतियों को वापस लेकर मजदूरों के हितों में ठोस निर्णय नहीं लेती।

 

जारीकर्ता: (अरविंद कुमार शाह) प्रेस सचिव, आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला

 

 

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