इंकलाबी नाटक मेले की पूर्व संध्या पर आर.सी.एफ. कॉलोनी में गूंजे इंकलाबी नारे
रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला के शहीद भगत सिंह विचार मंच की ओर से शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जी के जन्मदिवस तथा शहीद जतिन दास जी के शहादत दिवस को समर्पित इंकलाबी नाटक मेले की पूर्व संध्या पर रेल कोच फैक्ट्री कॉलोनी में मशाल मार्च निकाला गया।
“दुनिया भर के मेहनतकश एक हो जाओ”, “इंकलाब ज़िंदाबाद” और “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” के नारों के साथ मशाल मार्च वर्कर क्लब से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में नौजवानों, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं ने हाथों में मशालें, झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर मार्च में भाग लिया। तख्तियों पर शहीदों के सपनों का समाज बनाने और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के संदेश लिखे हुए थे।
मशाल मार्च जैसे-जैसे कॉलोनी की विभिन्न गलियों और मोहल्लों से गुजरता गया, स्थानीय निवासी भी इस काफिले का हिस्सा बनते गए। पूरे रास्ते इंकलाबी नारों से वातावरण गूंजता रहा। मशाल मार्च पूरी कॉलोनी में घूमने के बाद लोगों को 28 सितंबर को होने वाले इंकलाबी नाटक मेले में शामिल होने का संदेश देता हुआ वापस वर्कर क्लब पहुंचा।
इस अवसर पर मंच के प्रधान धर्मपाल ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय शहीद ऐसे समाज की स्थापना करना चाहते थे, जिसमें मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण समाप्त हो, धर्म, लिंग, जाति और क्षेत्रवाद आदि के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव न हो तथा सभी को समानता का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काम करने योग्य व्यक्ति के लिए रोजगार की गारंटी होनी चाहिए।
मशाल मार्च में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए मंच के सचिव चंद्र भान ने कहा कि यदि हम अपने और अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य के सपनों को साकार करना चाहते हैं, तो हमें शहीदों के जीवन, विचारों और कुर्बानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि शहीदों द्वारा बेहतर समाज के निर्माण के लिए दिखाई गई मशाल को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से 28 सितंबर 2026, सोमवार को शाम 7:30 बजे वर्कर क्लब, आर.सी.एफ. कपूरथला में इंकलाबी नाटक मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कॉलोनीवासियों से अपील की कि वे अपने बच्चों, दोस्तों-मित्रों तथा गली-मोहल्ले के लोगों के साथ इस चेतनशील एवं शिक्षाप्रद कार्यक्रम में अवश्य पहुंचें।
मशाल मार्च को सफल बनाने में मंच की पूरी टीम के सदस्यों प्रधान धर्मपाल, भरत राज, विनोद कुमार, अमरीक सिंह, राजकुमार प्रजापति, रजिंदर कुमार, पंकज कुमार सिंह, साकेत कुमार, तरसेम सिंह गोगी, रामदास, रमनप्रीत सिंह, दिलबाग सिंह, गुरिंदर सिंह, बलजिंदर पाल सिंह, राजेंद्र कुमार, सुरिंदर कुमार, चरणजीत सिंह गरचा, जगमिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, अश्वनी कुमार, तेजपाल, सरबजीत सिंह, भाल सिंह आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।







