बोले-रक्तदान व्यक्ति की कीमती जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाता है
कपूरथला। वैसे तो आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी वस्तु का दान अवश्य करते रहना चाहिए,लेकिन इन दानों में महान दान रक्तदान को कहा गया है।इसलिए रक्त की कोई कीमत निश्चित नहीं की जा सकती।जबकि किसी व्यक्ति को दुर्घटना समय,आप्रेशन समय या किसी अन्य बीमारी में रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो दान किया गया रक्त ही मनुष्य के काम आता है,जिससे उसकी जिंदगी बच जाती है।यह विचार आजाद उमीदवार मलविंदर सिंह चाहल(मंमु चहाल) ने शिव सेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप द्वारा लगाए गए तीसरे विशाल रक्त दान शिविर में शिरकत करते हुए व्यक्त किए।इस अवसर पर शिव सेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप के जिलाध्क्षय मुकेश कश्यप द्वारा मलविंदर सिंह चाहल(मंमु चहाल) को माता रानी की चुनरी और यादगारी चिन्न भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर मंमु चहाल शिव सेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप द्वारा लगाए गए रक्तदान शिविर की सरहाना करते हुए कहा रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं,बल्कि सेवा भाव को जगाने और विश्व बंधुत्व की भावना को सुदृढ़ करने का सबसे पवित्र माध्यम है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से व्यक्ति को आत्म-संतुष्टि मिलती है।इस अभियान से नई पीढ़ी का जुड़ना एक शुभ संकेत है।युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने आह्वान किया कि युवा शक्ति को रक्तदान के साथ-साथ नशामुक्ति के संकल्प से भी जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है।इस महादान के प्रति लोग स्वतःस्फूर्त भावना से आगे आएं,इसके लिए समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है। रक्तदान कर रक्त की कमी या रक्त विकार से ग्रसित लोगों की जान बचाई जा सकती है।एक यूनिट रक्त के अलग अलग तत्वों से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में अभी बहुत से लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं आते, जबकि किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करने से कोई दिक्कत नहीं होती।स्वैच्छिक रक्तदान कम होने पर पेशेवर लोग जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने लगते हैं। समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर पेशेवरों को रोका जा सकता है।उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है,जो किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का कार्य करता है।उन्होंने सभी को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति वर्ष में कई बार सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है।उन्होंने ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि यह न केवल जरूरतमंदों के जीवन को बचाने का माध्यम है,बल्कि समाज में सेवा और मानवता की भावना को भी सुदृढ़ करता है।उन्होंने युवाओ को ऐसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए आगे आने की अपील की।उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर आज भी लोगों के मन कई सारी गलत धारणाएं मौजूद हैं क्योंकि ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ब्लॅड डोनेट करने से कमजोरी आ जाती है व फिर कई बीमारियां लग सकती हैं जोकि पूरी तरह से गलत है क्योंकि रक्तदान करने से व्यक्ति का शरीर बिल्कुल तरो-ताजा रहता है।इसलिए समय-समय पर समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छा अनुसार रक्तदान करते रहना चाहिए आगे कहा कि रक्तदान करने से जहां सहनशक्ति बढ़ती है।उन्होंने कहा कि रक्तदान शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करता है और यह जरूरतमंद लोगों को स्वस्थ रक्तदान करने का एक कार्य है।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएं।









