कपूरथला
नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,वह एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री का मामला उठाने पहुंचे थे।इसी दौरान विवाद हुआ और गोलीबारी की घटना सामने आई।बताया जा रहा है कि घटना के समय फेसबुक लाइव चल रहा था।इस गोलीबारी में परविंदर सिंह झोटा की मौत हो गई,जबकि उनके चार साथी घायल हो गए।मामले में मेडिकल स्टोर संचालक पर गोली चलाने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।इस सबंधी शिव सेना बाला साहिब ठाकरे शिंदे ग्रुप के पूर्व जिलाध्क्षय मुकेश कश्यप ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुख और चिंता जताते हुए भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप)सरकार को आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल बताया।उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे के कथित खुले कारोबार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ते नशे के खतरे को लेकर लगातार शिकायतें और चेतावनी मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।मुकेश कश्यप ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने खुलकर ड्रग तस्करी के खिलाफ आवाज उठाई थी और कथित तौर पर नशा तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।उन्होंने सवाल किया कि लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई और नशे के कारोबार में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।मुकेश कश्यप ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि कथित तौर पर तीन जिलों के लिए केवल एक ड्रग इंस्पेक्टर तैनात है।उन्होंने सवाल किया कि जब पर्याप्त प्रवर्तन कर्मचारी ही नहीं हैं तो सरकार नशे की समस्या से प्रभावी तरीके से कैसे निपटेगी।उन्होंने राज्य सरकार से जवाब मांगा और स्वास्थ्य विभाग तथा स्वास्थ्य मंत्री की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा यदि नशे की खुलेआम बिक्री की शिकायतें लगातार उठाई जा रही थीं तो प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में क्यों विफल रहा?जब लोग इस समस्या की ओर खुलकर ध्यान दिला रहे थे,तब प्रशासनिक तंत्र कहां था?सरकार को बताना चाहिए कि नशा तस्करी के खिलाफ बोलने वालों को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई।उन्होंने कहा परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे।उन की हत्या ने उन लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।मुकेश कश्यप ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल है कि आखिर पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाने तथा कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?अगर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे,तो इस लड़ाई को मजबूती कैसे मिलेगी?







